भगवंत मान सरकार की ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ पहल के तहत शनिवार को राज्य के 23 ज़िलों में समन्वित कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन (CASO) चलाए गए। पंजाब पुलिस, नागरिक प्रशासन और नशा मुक्ति मोर्चा द्वारा चलाया गया यह व्यापक अभियान पंजाब सरकार के नशे के ख़िलाफ़ 60 दिवसीय मिशन-मोड अभियान का एक प्रमुख हिस्सा है। इन अभियानों का उद्देश्य मादक पदार्थों का पता लगाना, संदिग्ध नशा तस्करों की पहचान करना और अवैध नशा कारोबार के ख़िलाफ़ कार्रवाई को मज़बूत करना है। इन प्रयासों के साथ-साथ, अधिकारियों ने मेडिकल स्टोरों का भी निरीक्षण किया, ताकि नशीले पदार्थों के रूप में इस्तेमाल की जा सकने वाली दवाओं की अवैध बिक्री और दुरुपयोग की जाँच की जा सके। अभियानों के दौरान, पुलिस टीमों ने संवेदनशील स्थानों तथा संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की गहन जाँच की। इसके साथ ही, चिन्हित नशा सेवन स्थलों को मुक्त करवाने के लिए कार्रवाई की गई, संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए और स्थानीय नागरिक समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों के समक्ष मामले उठाए गए।पुलिस अधिकारियों और नागरिक प्रशासन के अधिकारियों ने स्थानीय निवासियों के साथ बातचीत भी की तथा नशे के ख़िलाफ़ जनसहयोग और सामुदायिक सतर्कता को बढ़ावा देने के लिए ग्राम रक्षा समितियों के साथ समन्वय मज़बूत किया। नशा मुक्ति मोर्चा (NMM) के दोआबा ज़ोन समन्वयक अतिन अग्निहोत्री ने कहा, “नशा तस्करों के ख़िलाफ़ कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए हमने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (SSPs) और उप पुलिस अधीक्षकों (DSPs) के साथ समन्वय शुरू कर दिया है। हमें उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इसके सकारात्मक परिणाम सामने आएँगे।” उन्होंने आगे बताया कि दोआबा क्षेत्र के कपूरथला, होशियारपुर, नवांशहर और जालंधर ज़िलों में ज़िला स्तरीय टीमें इस अभियान में सहयोग कर रही हैं। मालवा ईस्ट की समन्वयक अनु बब्बर ने कहा, “हमारे ज़ोन में कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन (CASO) पूरी गति से चल रहे हैं, इस में पटियाला, मोहाली, संगरूर और रूपनगर ज़िले शामिल हैं। टीमें नशे के प्रति संवेदनशील माने जाने वाले गाँवों और इलाकों की ज़मीनी स्थिति का आकलन करने के लिए स्थानीय निवासियों के साथ भी संवाद कर रही हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अभियान केवल बैठकों और आधिकारिक निर्देशों तक सीमित न रहे।” उदाहरण के तौर पर, अमृतसर में ये अभियान पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर, आईपीएस, की सीधी निगरानी में चलाए गए; इस दौरान 5 डीसीपी, 8 एडीसीपी और 10 एसीपी के साथ एनजीओ और ओआर सहित 430 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया, ताकि ज़मीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई, सख्त एनफोर्समेंट और चिन्हित उपायों का व्यापक क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। ये कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन (CASO) पंजाब सरकार की उस व्यापक पहल का हिस्सा हैं, जिसका उद्देश्य नशे के दुरुपयोग पर अंकुश लगाना, नशा आपूर्ति की पूरी शृंखला को ध्वस्त करना और लोगों को नशे के ख़िलाफ़ लड़ाई में आगे आकर भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करना है। पिछले पखवाड़े के दौरान लुधियाना, बटाला, पठानकोट, रूपनगर, संगरूर और पटियाला के कुछ हिस्सों में भी इसी तरह के अभियान शुरू किए गए हैं। इसके साथ ही, अमृतसर के मकबूलपुरा और गुरु तेग बहादुर नगर में भी अभियान चलाए गए हैं। इसी प्रकार, जालंधर के छेहरटा स्थित गुरु नानक पुरा; होशियारपुर के घंटा घर और टांडा थाना क्षेत्र के अंतर्गत हर्षी पिंड; तथा फगवाड़ा की छज्ज कॉलोनी और वाल्मीकि मोहल्ला में भी अभियान चलाए गए हैं। इस अभियान का अंतिम उद्देश्य नशा आपूर्ति शृंखला पर प्रहार करने के साथ-साथ उन परिस्थितियों को दूर करना है, जो नशे के दुरुपयोग को बढ़ावा देती हैं, ताकि पंजाब को नशामुक्त बनाया जा सके। राज्यभर में ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान के गति पकड़ने के साथ ही नशा मुक्ति मोर्चा और पंजाब पुलिस, कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन (CASO) तथा निरंतर कार्रवाई के माध्यम से नशा तस्करों पर दबाव बनाए रखने के प्रयास कर रहे हैं।