आम आदमी पार्टी ('आप') के नेता और चमकौर साहिब हलका इंचार्ज जसवीर सिंह गढ़ी ने बुधवार को चंडीगढ़ स्थित कांग्रेस भवन के अंदर कांग्रेसी दलित नेता रणजीत सिंह तरखान माजरा पर हुए हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने दलित अधिकारों की रक्षा करने के कांग्रेस लीडरशिप के दावों पर सवाल उठाए और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी से उनके करीबी बरिंदर सिंह ढिल्लों पर लगे आरोपों को लेकर जवाब मांगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए 'आप' नेता और चमकौर साहिब इंचार्ज जसवीर सिंह गढ़ी ने कहा, "रणजीत सिंह तरखान माजरा एक दलित नेता, पूर्व सरपंच और मार्केट कमेटी के पूर्व चेयरमैन हैं। उन्होंने चंडीगढ़ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि बरिंदर सिंह ढिल्लों ने उनके साथ मारपीट की, जातिसूचक शब्द कहे और जान से मारने की धमकियां दीं। ये आरोप बेहद गंभीर हैं और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।" 'आप' नेता ने कहा, "कांग्रेसी नेता दलितों की रक्षा की बातें करते हैं, लेकिन कांग्रेस भवन के अंदर ही एक दलित नेता के साथ मारपीट करने और धमकियां देने की शिकायत सामने आई है। अगर कांग्रेस के अपने दफ्तर के अंदर ही दलित सुरक्षित नहीं हैं, तो यह पार्टी कहीं और दलितों की रक्षा करने का दावा कैसे कर सकती है?" जसवीर सिंह गढ़ी ने कहा, "बरिंदर सिंह ढिल्लों को चरणजीत सिंह चन्नी के करीबी के रूप में जाना जाता है और उन्होंने सार्वजनिक तौर पर पूर्व मुख्यमंत्री का समर्थन किया है। चरणजीत सिंह चन्नी को अब अपनी चुप्पी तोड़नी चाहिए और लोगों को बताना चाहिए कि क्या वे दलितों के मान-सम्मान के साथ खड़े हैं या इन गंभीर आरोपों के बावजूद अपने करीबियों का साथ देते रहेंगे।" उन्होंने कहा, "रणजीत सिंह तरखान माजरा ने चंडीगढ़ पुलिस से भारतीय न्याय संहिता, 2023 और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। प्रशासन को शिकायत की जांच करके कानून के मुताबिक उचित कार्रवाई करनी चाहिए।" चरणजीत सिंह चन्नी की KGF को लेकर की गई सोशल मीडिया पोस्ट पर तंज कसते हुए जसवीर सिंह गढ़ी ने कहा, "चरणजीत सिंह चन्नी KGF के बारे में पोस्ट डालते रहते हैं, लेकिन सवाल यह है कि कांग्रेस के अंदर दलितों के साथ क्या हो रहा है। यहां KGF का मतलब 'कुटेया, घसीटेया और फेंटेया' है। यह वह सवाल है जिसका जवाब कांग्रेस लीडरशिप को देना पड़ेगा।" जसवीर सिंह गढ़ी ने कहा, "चरणजीत सिंह चन्नी को अपनी उस सोशल मीडिया पोस्ट के बारे में भी स्पष्टीकरण देना चाहिए जिसमें पंजाबियों को हथियार उठाने और हल छोड़ने का आह्वान करने वाले गाने को बढ़ावा दिया गया था। पंजाब ने हिंसा के अपने दर्दनाक दौर में बहुत संताप झेला है। राजनेताओं को पंजाब के लोगों के जख्मों और भावनाओं के साथ खेलने के बजाय ऐसे संदेशों को बढ़ावा देने के नतीजों पर विचार करना चाहिए।" 'आप' नेता ने कहा, "कांग्रेस बार-बार सामाजिक न्याय की अगुआ होने का दावा नहीं कर सकती, जबकि उसके अपने संगठन के अंदर दलित नेताओं के मान-सम्मान और उनके साथ होने वाले व्यवहार पर सवाल उठ रहे हैं। पार्टी को बाबा साहेब अंबेडकर समेत दलित नेताओं के साथ अपने ऐतिहासिक व्यवहार को लेकर उठने वाले सवालों के जवाब देने चाहिए और यह बताना चाहिए कि वह दलितों के राजनीतिक अधिकारों, प्रतिनिधित्व और मान-सम्मान को कैसे बरकरार रखेगी।" जसवीर सिंह गढ़ी ने कहा, "चंडीगढ़ केंद्र की भाजपा सरकार के अधीन आने वाला केंद्र शासित प्रदेश है। भाजपा को स्पष्ट करना चाहिए कि रणजीत सिंह तरखान माजरा द्वारा दी गई शिकायत पर क्या कार्रवाई की गई है? क्या एफआईआर दर्ज की गई है? क्या शिकायत की जांच की गई है? प्रशासन को दलित अधिकारों की रक्षा के दावों तक सीमित रहने के बजाय स्पष्ट जवाब देने चाहिए।" 'आप' नेता ने जोर देकर कहा, "दलित मान-सम्मान और बराबरी सिर्फ राजनीतिक भाषणों तक सीमित नहीं रह सकती। जब कोई दलित नेता जातिसूचक शब्दों, मारपीट और धमकियों के आरोपों के साथ पुलिस के पास जाता है, तो प्रशासन को निष्पक्षता से काम करना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि शिकायत की पूरी जांच हो।" जसवीर सिंह गढ़ी ने बरिंदर सिंह ढिल्लों पर लगे आरोपों की निष्पक्ष जांच और कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लीडरशिप और चंडीगढ़ प्रशासन को इस शिकायत द्वारा उठाए गए सवालों के जवाब देने चाहिए और दलितों के अधिकारों और मान-सम्मान की रक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।