आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने संगरूर निवासी गुलजार सिंह की मौत पर राहुल गांधी के ट्वीट को दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक बताया और कहा कि कांग्रेस को लाशों पर राजनीति करने की आदत हो गई है। गुलजार सिंह की मौत पर दुख जताते हुए उन्होंने कहा कि मान सरकार ने तुरंत एक्शन लेते हुए दोषियों को गिरफ्तार किया है और पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद के साथ-साथ परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का भी ऐलान किया है। सिर्फ आम आदमी पार्टी की सरकार ही है जो बिना समय बर्बाद किए हर नागरिक को इंसाफ दिलाती है। बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुलदीप धालीवाल ने राहुल गांधी पर हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस का इतिहास लाशों की राजनीति से भरा पड़ा है। 1984 में श्री दरबार साहिब पर हमला करने, अकाल तख्त साहिब को गिराने और दिल्ली समेत पूरे देश में सिखों का कत्लेआम करने के बाद राजीव गांधी ने 31 दिसंबर 1984 को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी और इन्हीं लाशों के दम पर कांग्रेस को 414 सीटें मिली थीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को खून का चस्का लगा हुआ है। 1992 में बेअंत सिंह सरकार के समय कांग्रेस ने पंजाब के हजारों युवाओं की लाशों पर राजनीति करके 87 सीटें जीती थीं। इतना ही नहीं, अकाली दल ने भी 1997 में इन हत्याओं पर राजनीति करके 75 सीटें जीती थीं, लेकिन सत्ता में आने के बाद केपीएस गिल, सैनी और इजहार आलम जैसे अधिकारियों पर कार्रवाई करने के बजाय उनकी पदौन्नति की गईं। धलीवाल ने राहुल गांधी को ट्वीट करने से पहले गुलजार सिंह के बेटे का वीडियो देखने की सलाह दी, जिसमें गांववालों ने राजनीति करने आए कांग्रेसियों को गांव से भगा दिया था। उन्होंने सवाल किया कि जब कैप्टन अमरिंदर सिंह ने राहुल गांधी की मां सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखकर बताया कि उनके कैबिनेट मंत्री और विधायक नशे के धंधे में शामिल हैं, तो उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई। राहुल गांधी को बताना चाहिए कि फरीदकोट में एक कॉन्ट्रैक्टर के परिवार की आत्महत्या और घायल पत्नी के बयान पर कांग्रेस ने क्या कार्रवाई की, जिसमें उसने कहा था कि राजा वड़िंग ने उसके परिवार को बर्बाद कर दिया है? धालीवाल ने स्पष्ट किया कि पंजाब, चंडीगढ़, पंजाबी बोलने वाले इलाकों और यूनिवर्सिटीज़ के हक कांग्रेस ने छीन लिए हैं। जो कांग्रेसी सज्जन कुमार और जगदीश टाइटलर जैसे आरोपियों को अपना रोल मॉडल मानते हैं, उन्हें पंजाब की चिंता करने का कोई हक नहीं है। धालीवाल ने कहा कि मान सरकार पिछले चार साल से नशे के खिलाफ जंग लड़ रही है, हजारों नशा तस्करों को जेल भेज चुकी है और हजारों नौजवानों का इलाज करवाकर उन्हें ठीक कर चुकी है। भगवंत मान सरकार में चाहे कोई मेंबर हो या कोई और, विधायक हो या सरपंच, नशा तस्करी में शामिल किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। पंजाब के लोग अब कांग्रेस की लाशों की राजनीति को समझ चुके हैं और अब यहां ऐसी राजनीति नहीं चलेगी।