पंजाब के कपूरथला में एक परिवार ने जिस युवक को अपना बेटा रवि समझकर उसका अंतिम संस्कार कर दिया, वह 15 दिन बाद जेल में जिंदा मिला. गली-सड़ी लाश की पहचान कपड़ों के आधार पर की गई थी. अंतिम संस्कार और भोग की रस्म पूरी होने के बाद जेल से आए फोन ने परिवार को हैरान कर दिया. अब अज्ञात शव की पहचान पर सवाल उठ रहे हैं. क्या किसी इंसान को मरा हुआ समझकर उसका अंतिम संस्कार कर दिया जाए और कुछ दिन बाद वही शख्स जिंदा मिल जाए? पंजाब के कपूरथला में सामने आया एक मामला इसी सवाल ने सबको हैरान कर दिया है. यहां एक परिवार ने अपने जवान बेटे को खोने के गम में अंतिम संस्कार से लेकर भोग (पिंडदान) की रस्म तक पूरी कर दी, लेकिन करीब 15 दिन बाद पता चला कि उनका बेटा जिंदा है