पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज आम आदमी पार्टी की सरकार के जनकल्याण और विकास कार्यों का विरोध करने पर विपक्षी पार्टियों पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो योजनाएँ लोगों को मुफ्त बिजली, अच्छी शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और विकास दे रही हैं, वे अब उन लोगों को तकलीफ दे रही हैं जो खुद दशकों तक सत्ता में रहे। मोहाली के गांव बड़माजरा में लोक मिलनी कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि पिछले 70 वर्षों के दौरान सरकारें बार-बार बदलीं, लेकिन पंजाब के लोगों की किस्मत नहीं बदली, जबकि उनकी सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि लोगों का पैसा अब सीधे लोगों की भलाई के लिए खर्च किया जाए। उन्होंने कहा कि सत्ता में वापसी के बाद कल्याणकारी योजनाओं को बंद करने की विरोधियों की धमकियाँ सफल नहीं होंगी, क्योंकि पंजाब के लोग न तो उन्हें दूसरा मौका देंगे और न ही जनकल्याण की योजनाओं को बंद होने देंगे। अपने एक्स पर कुछ अंश साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा: "मोहाली के गांव बड़माजरा में लोक मिलनी के दौरान आपसे जो प्यार और विश्वास मिला है, वह मेरे लिए बहुत बड़ी ताकत है। मैंने हमेशा कहा है कि सरकार कुर्सी के लिए नहीं, बल्कि लोगों की सेहत, शिक्षा, रोजगार और विकास के लिए होती है। आज पंजाब ने शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखा है। सरकारी स्कूलों के नीट क्लियर करने वाले छात्रों की संख्या 2021 में 80 से बढ़कर अब 882 हो गई है। पंजाब के 90% घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है और 42 लाख परिवारों के स्वास्थ्य योजना कार्ड बनाए गए हैं।" उन्होंने आगे कहा, "आज बड़माजरा के विकास के लिए 50 लाख रुपये का चेक दिया गया है, जबकि गांव में लगभग 1.5 करोड़ रुपये के विकास कार्य पहले से ही चल रहे हैं। यह आपके टैक्स का पैसा है और यह आप पर ही खर्च किया जा रहा है। यही फर्क है: हम लोगों की बात करते हैं, सिर्फ कुर्सी की नहीं। आपका प्यार ऐसे ही बना रहे और पंजाब दिन-दुगुनी रात-चौगुनी तरक्की करता रहे। इंकलाब जिंदाबाद।" लोक मिलनी को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "परंपरागत पार्टियों के बारी-बारी से सत्ता में आने और एक-दूसरे के गलत कामों पर पर्दा डालने का दौर अब खत्म हो गया है, क्योंकि लोगों ने अब 'आप' को सूबे की तस्वीर बदलने की जिम्मेदारी सौंपी है। पंजाब के समझदार लोग कांग्रेस, अकालियों और भाजपा को उनके पंजाब विरोधी रोल के लिए कभी माफ नहीं करेंगे और 2027 के विधानसभा चुनावों में उन्हें राजनीतिक गुमनामी में भेज दिया जाएगा।" उन्होंने आगे कहा, "इन लोगों ने अपने राज के दौरान हमेशा एक-दूसरे के हितों की रक्षा की है। वे दिन गए जब ये पार्टियाँ 'उत्तर काटो, मैं चढ़ाँ' की खेल खेलती थीं और सत्ता की अपनी बारी का इंतजार करती थीं। उन्होंने सत्ता के दिनों में एक-दूसरे के हितों की रक्षा की, जिससे उनके कृत्य कभी सामने नहीं आए।" मुख्यमंत्री ने कहा, "अब लोगों ने 'आप' को चुना है और इस पार्टी का चुनाव चिह्न झाड़ू सूबे की राजनीतिक व्यवस्था की सफाई कर रहा है। वह दिन दूर नहीं, जब अकाली अपने गुनाहों की सजा भुगतने के लिए जेल की सलाखों के पीछे होंगे।" नशे की बीमारी का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "परंपरागत राजनीतिक पार्टियों ने पंजाब की जवानी का न भरने वाला नुकसान किया है। लोग जानते हैं कि नशे के कारोबार के जरिए हजारों नौजवानों की जिंदगी बर्बाद करने के लिए कौन जिम्मेदार है। अगर ये पार्टियाँ फिर से सत्ता में आईं तो ये पंजाब और इसके लोगों का शोषण करने के लिए एक बार फिर ताकत का दुरुपयोग करेंगी।" अकाली दल के नेता सुखबीर बादल पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, "सुखबीर बादल जमीनी हकीकतों से अनजान हैं क्योंकि उन्होंने उम्र भर आराम और सुरक्षित माहौल में समय बिताया है। वे पंजाब के एक कॉन्वेंट स्कूल में पढ़े-लिखे राजनीतिक नेता हैं, जिन्हें सूबे की भौगोलिक स्थिति की बुनियादी समझ भी नहीं है, लेकिन वे पंजाब में राजनीतिक सत्ता हासिल करना चाहते हैं। बाकी सब छोड़ो, पंजाब के इस पूर्व उपमुख्यमंत्री को सूबे की मूल फसलों में भी फर्क नहीं पता, क्योंकि उन्हें बुनियादी मुद्दों की बहुत कम जानकारी है।" मुख्यमंत्री ने कहा, "अकालियों ने नशे के कारोबार को संरक्षण देकर पंजाब की पीढ़ियों का शोषण किया है। उन्होंने न केवल नशे के कारोबार की संरक्षण की, बल्कि रिपोर्टों के अनुसार नशा बेचने या वितरित करने के लिए सरकारी वाहनों का उपयोग भी किया। उन्होंने अपने निजी हितों के लिए धर्म का उपयोग करके हर आम आदमी की मानसिकता को ठेस पहुँचाई है, जो कि एक अक्षम्य अपराध है।" अकाली दल द्वारा भाजपा के साथ फिर से गठबंधन करने की कोशिशों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "सत्ता की भूख मिटाने के लिए अकाली दल अब भाजपा के साथ गठबंधन के लिए उतावला कर रहा है, जिसके हाथ काले कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान शहीद हुए 700 से अधिक किसानों के खून से रंगे हुए हैं। अकाली-भाजपा गठबंधन किसी विचारधारा या जनकल्याण के लिए नहीं, बल्कि सिर्फ सूबे पर सत्ता हथियाने के मकसद से किया जा रहा है।" मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के लोग परंपरागत पार्टियों की राजनीतिक चालों से गुमराह नहीं होंगे और उन्हें सबक सिखाएंगे। अकाली दल पर तीखा हमला बोलते हुए उन्होंने कहा, "अकाली नेता हमेशा पंजाबियों या पंजाब के हितों की बजाय अपने हितों की चिंता करते हैं, जबकि 'आप' सिर्फ पंजाब के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अपने सत्ता के दिनों के दौरान सूबे की दौलत को बेरहमी से लूटा और पंजाब के नौजवानों को नशों के दलदल में धकेला।" अकाली नेतृत्व पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "अगर प्रधानमंत्री अकाली नेताओं का हाल-चाल पूछने के लिए फोन भी करते हैं, तो वे पंजाब को लूटने के लिए दिल्ली के साथ गठबंधन करने के सपने देखने लग पड़ते हैं।" कांग्रेस की आंतरिक फूट पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा, "वे अपने निजी राजनीतिक हितों के लिए सत्ता की खातिर आपस में लड़ रहे हैं, जबकि सूबा सरकार लोगों की भलाई के लिए अथक मेहनत कर रही है। हम आपस में नहीं लड़ते, बल्कि रंगला पंजाब बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं। सूबे की लड़ाई अच्छी शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य और अन्य कल्याण योजनाओं के लिए है। सत्ता की खातिर कांग्रेसी नेता एक-दूसरे को देखना भी पसंद नहीं करते।" उन्होंने कहा, “कांग्रेस के पास लोगों और राज्य के लिए कोई विजन नहीं है। उनका एकमात्र उद्देश्य सत्ता में आकर पंजाब की दौलत लूटना है, लेकिन उनके सपने कभी पूरे नहीं होंगे। कांग्रेस पार्टी एक ऐसा बिखरा हुआ घर है, जो अपनी आंतरिक लड़ाई के कारण ढह जाएगा। यह अफसोस की बात है कि सत्ता के लिए लड़ रहे इन नेताओं को एकजुट करने के लिए आने वाले कांग्रेस के शीर्ष नेताओं को यह भी पता नहीं होता कि उनके नाम का उच्चारण कैसे करना है।” मुख्यमंत्री ने कहा, “कांग्रेस और अकाली दल वे दीमक हैं, जिन्होंने आजादी के बाद राज्य को बर्बाद कर दिया, जिसके कारण पंजाब विकास के रास्ते पर पिछड़ गया। इन पार्टियों के नेता कभी भी एक-दूसरे के खिलाफ नहीं बोलते, लेकिन मेरे खिलाफ रोजाना जहर उगलते हैं, क्योंकि मैंने जनता के सामने उनका असली चेहरा बेनकाब किया है।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लोगों से पारंपरिक राजनीतिक पार्टियों के जनविरोधी रवैये को याद करने की अपील करते हुए कहा कि ये वे गद्दार हैं, जो कभी भी राज्य और इसके लोगों के प्रति वफादार नहीं रहे। अपनी सरकार की प्रशासनिक पहलों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी खजाने का एक-एक पैसा लोगों के कल्याण के लिए सोच-समझकर खर्च किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा, “राज्य के 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है।” उन्होंने कहा कि हमारी सरकार में अब किसानों को भी दिन के समय बिजली मिल रही है, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। लोगों के टैक्स का पैसा राज्य का है और हम इसे पूरी तरह लोगों के कल्याण पर खर्च कर रहे हैं। लोगों का पैसा विकास, स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों के माध्यम से लोगों तक वापस पहुंच रहा है।” उन्होंने जोर देकर कहा, “हमारी सरकार केवल लोगों की भलाई के लिए काम कर रही है, जिसने मुफ्त बिजली, 70,000 से अधिक युवाओं को बिना किसी भ्रष्टाचार के नौकरियां, बेहतर सड़क संपर्क, अवधि पूरी कर चुके टोल प्लाजा बंद करके लोगों के प्रतिदिन 70 लाख रुपये की बचत करवाने, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने और मजबूत बुनियादी ढांचे के निर्माण सहित कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। राज्य सरकार गांवों के विकास के लिए अथक प्रयास कर रही है, जिसके लिए बड़ी-बड़ी ग्रांट दी जा रही हैं।” मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को नशे की लत से दूर रखने के लिए पूरे राज्य में 3,100 खेल मैदान बनाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री सेहत योजना पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री सेहत योजना शुरू की है, जो देश में अपनी तरह की पहली ऐसी योजना है, जो पंजाब के प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस चिकित्सा उपचार उपलब्ध कराती है। यह बड़े गर्व और संतोष की बात है कि पंजाब ऐसा व्यापक स्वास्थ्य देखभाल कवरेज प्रदान करने वाला देश का पहला राज्य है, जिसने गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के साथ-साथ लोगों पर पड़ने वाले वित्तीय बोझ को काफी हद तक कम किया है।” उन्होंने आगे कहा, “इस ऐतिहासिक कदम का उद्देश्य राज्य के सभी परिवारों को व्यापक स्वास्थ्य देखभाल उपलब्ध कराना है और अब तक अनेक लोग मुफ्त उपचार का लाभ उठा चुके हैं।” मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “माता-धियां सत्कार योजना के तहत 1 जुलाई से 18 वर्ष से अधिक आयु की अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को प्रति माह 1,500 रुपये और शेष वर्गों की महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जा रही है। राशि सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर की जा रही है और पहले से सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रही महिलाएं भी इस योजना के लिए पात्र होंगी।” उन्होंने कहा कि पंजाब में 97 प्रतिशत महिलाओं को इस योजना से लाभ मिलने की संभावना है और राज्य सरकार ने इसके लिए बजट में 9,300 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। रक्षाबंधन के अवसर पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज भी मैंने मुख्यमंत्री माता-धियां सत्कार योजना के तहत राज्य की महिलाओं को रक्षाबंधन का उपहार दिया है। यह दुनिया भर में सबसे बड़ी सामाजिक कल्याण योजना है। इस कल्याणकारी योजना की दुनिया भर में शायद ही कोई तुलना हो, जहां महिलाओं को वित्तीय सहायता के माध्यम से सशक्त बनाया जा रहा हो। अब तक 70.92 लाख महिला लाभार्थियों को राज्य सरकार की ओर से यह उपहार मिल चुका है और आज 5.20 लाख लाभार्थियों, जिन्होंने हाल ही में अपना पंजीकरण करवाया है, को 181.50 करोड़ रुपये दिए जा रहे हैं।” मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आप’ सरकार ने शिक्षा को प्राथमिकता दी है और लोगों के जीवन को बदलने के लिए अनूठी पहल की हैं। उन्होंने कहा, “कोई भी मुफ्त सुविधा या रियायत राज्य से गरीबी या अन्य सामाजिक बुराइयों को समाप्त नहीं कर सकती, लेकिन शिक्षा ही वह कुंजी है, जो लोगों के जीवन स्तर को ऊपर उठाकर उन्हें इस चक्र से बाहर निकाल सकती है। इसलिए, मेरी सरकार आम लोगों को सशक्त बनाने के लिए शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने हेतु अथक प्रयास कर रही है।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम, स्कूल ऑफ एमिनेंस और अन्य पहलों सहित राज्य सरकार के कड़े प्रयासों के परिणामस्वरूप पंजाब ने शिक्षा के क्षेत्र में केरल और अन्य राज्यों को पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने कहा, “2021 में सरकारी स्कूलों के केवल 80 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा पास की थी, लेकिन इस वर्ष 2026 में यह संख्या 11 गुना बढ़कर 882 हो गई है। यह हमारी सरकार और पिछली सरकारों के बीच का अंतर है, जिन्होंने कभी भी स्कूलों और शिक्षा क्षेत्र की ओर कोई ध्यान नहीं दिया।” सिंचाई और सड़क बुनियादी ढांचे में सरकार की उपलब्धियों को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “राज्य के इतिहास में पहली बार नहरी पानी 1,587 गांवों के खेतों तक पहुंचा है, जिन्होंने कभी नहरी पानी नहीं देखा था। यह बेहद गर्व की बात है कि राज्य सरकार ने नहरी पानी को हर खेत तक पहुंचाने के लिए 7,200 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। मेरे पद संभालने के बाद नहरी सिंचाई के अंतर्गत क्षेत्र 26 प्रतिशत से बढ़कर 80 प्रतिशत हो गया है। वर्ष 2022 में केवल 20 लाख 89 हजार एकड़ क्षेत्र को नहरी पानी मिल रहा था, लेकिन आज नहरी सिंचाई 60 लाख 30 हजार एकड़ तक पहुंच गई है।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि राज्य के निवासियों की सुविधा के लिए 45,000 किलोमीटर सड़कों का नवीनीकरण और उन्नयन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार राज्य के संसाधनों का उपयोग इसके लोगों के कल्याण के लिए और पूरे राज्य में विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए कर रही है।