मोगा से आप विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा के घर पर एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी ) की 48 घंटे की रेड को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला करते हुए आम आदमी पार्टी (आप ) ने कहा कि भाजपा खुलेआम डराने-धमकाने के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है और चुने हुए प्रतिनिधियों की पार्टी बदलने की मांग कर रहे हैं। आप के सीनियर नेता और पंजाब इंचार्ज मनीष सिसोदिया ने दावा किया कि तलाशी के दौरान कुछ नहीं मिलने के बावजूद, ईडी के अधिकारी विधायक के घर पर 48 घंटे तक बैठे रहे और उन्हें मंत्री पद का ऑफर देकर बार-बार भाजपा में शामिल होने का दबाव बनाते रहे। भाजपा की डराने-धमकाने, रिश्वतखोरी और राजनीतिक दबाव की राजनीति की निंदा करते हुए कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा, डॉ. बलजीत कौर, हरभजन सिंह ईटीओ और हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि न तो लंबी छापेमारी और न ही बड़े पदों के ऑफर डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा के इरादों को हिला पाए। आप नेताओं ने कहा कि भाजपा लोगों के जनादेश का राजनीतिक रूप से मुकाबला करने में नाकाम है, इसलिए वह अपने विरोधियों को निशाना बनाने के लिए जांच एजेंसियों का सहारा ले रही है। लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि पंजाब की बेटियों को न तो डराकर चुप कराया जा सकता है और न ही उन्हें राजनीतिक सत्ता का लालच देकर खरीदा जा सकता है। इस मौके पर आप के सीनियर नेता और पंजाब इंचार्ज मनीष सिसोदिया ने कहा, "एक महिला विधायक , उनके परिवार और यहां तक कि छोटे बच्चों को उनके ही घर में 48 घंटे तक बंधक बनाकर रखा गया। कुछ भी बरामद नहीं हुआ, फिर भी उनसे करीब 50 बार कहा गया, 'भाजपा जॉइन करो, तुम मंत्री बन जाओगी।' "यह धक्केशाही सिर्फ आप की पंजाब महिला विंग की प्रेसिडेंट और मोगा विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा के घर पर ही नहीं, बल्कि उनके सात रिश्तेदारों के घरों पर भी किया गया। यहां तक कि उनके बुज़ुर्ग मामा-मामी को भी परेशान किया गया। अस्पताल, गांव और दूसरी जगहों पर भी तलाशी ली गई, लेकिन कहीं कुछ नहीं मिला।" आप के पंजाब इंचार्ज ने कहा, "डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा के अपने घर की तलाशी दो-तीन घंटे में पूरी हो गई। जब कुछ बरामद नहीं हुआ, तो भाजपा के भेजे लोग उनके घर के अंदर बैठकर समय बर्बाद करते रहे। यह सिलसिला 48 घंटे तक चलता रहा। इन 48 घंटों में डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा से बार-बार कहा गया, 'भाजपा में शामिल हो जाओ, वहां मंत्री बन जाओगी। आप के पास तुम्हारे लिए क्या है?'" क्या ईडी वहां जांच करने गई थी या एक चुनी हुई महिला विधायक को भाजपा में शामिल होने के लिए मजबूर करने गई थी? आप के सीनियर नेता और कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, "मोगा विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा के घर पर ईडी की 48 घंटे की रेड में कुछ नहीं मिला। रेड के दौरान उन्हें बड़े पदों का लालच देकर भाजपा में शामिल करने की बार-बार कोशिश की गई, लेकिन हमारी विधायक अपने उसूलों और ईमानदारी पर चट्टान की तरह अडिग रहीं। आप का कोई भी नेता भाजपा की दादागिरी, लालच और दबाव की राजनीति के आगे नहीं झुकेगा। सच्चाई और उसूलों के लिए हमारी लड़ाई पूरी हिम्मत के साथ जारी रहेगी।" कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा, "48 घंटे की ईडी रेड के बाद भी भाजपा के प्लान फेल हो गए। मोगा से हमारी विधायक और मेरी बहन डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा को धमकाया गया, दबाव डाला गया, और भाजपा में शामिल होने के लिए ऊंचे पदों का ऑफर भी दिया गया। लेकिन वह अपने उसूलों पर अड़ी रहीं। भाजपा की केंद्र सरकार को यह समझना चाहिए कि पंजाब की बेटियों को न तो धमकियों से डराया जा सकता है और न ही उन्हें बड़े पदों से खरीदा जा सकता है। हम अपनी बहन के साथ चट्टान की तरह खड़े हैं। हम पंजाब के हक और लोगों के मैंडेट की लड़ाई पूरी हिम्मत से लड़ते रहेंगे।" कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने कहा, "जब राजनीतिक विरोधियों को लोगों की चुनी हुई सरकार को चुनौती देने का कोई रास्ता नहीं मिलता, तो वे जांच एजेंसियों का सहारा लेते हैं। मोगा विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा के घर पर 48 घंटे की ईडी रेड में कुछ नहीं मिला। भाजपा के लालच और दबाव के बावजूद हमारी विधायक अपने उसूलों पर अड़ी रहीं। इसे कहते हैं उसूलों की राजनीति।" कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा, "न तो 48 घंटे की रेड और न ही बड़े पदों का लालच डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा का हौसला तोड़ सका। भाजपा की तमाम कोशिशों के बावजूद, वह अपने उसूलों पर अडिग रहीं। जांच के नाम पर डराने-धमकाने और राजनीतिक रिश्वत की राजनीति कभी कामयाब नहीं होगी। आप नेता लोगों के भरोसे और अपने उसूलों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।"