कैनेडा में स्टडी वीजा पर गए 17 अपराधी छात्रों को ढूँढ रही पुलिस
कनाडा पुलिस ने जबरन वसूली (Extortion), गोलीबारी और संगठित अपराध के मामलों में शामिल 17 पंजाबी मूल के युवाओं की तस्वीरें और नाम जारी किए हैं।
हाल ही में कनाडा की कैलगरी पुलिस (Calgary Police) ने जबरन वसूली और गोलीबारी के करीब 59 मामलों की एक लंबी जांच के बाद इन 17 आरोपियों की तस्वीरें जारी कर जनता से सहयोग मांगा है।
इससे पहले कनाडा की पील रीजनल पुलिस (Peel Regional Police) ने भी भारतीय और साउथ एशियन मूल के कारोबारियों को निशाना बनाने वाले 'फोर ब्रदर्स' गैंग का भंडाफोड़ करते हुए 17 पंजाबी युवाओं को गिरफ्तार कर उनकी तस्वीरें साझा की थीं।
इस पूरे घटनाक्रम से जुड़ी मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
आरोप: इन युवाओं पर कनाडाई और भारतीय मूल के व्यापारियों को धमकाने, उनसे मोटी रकम वसूलने (रंगदारी), गोलीबारी करने और आगजनी जैसी हिंसक गतिविधियों में शामिल होने के गंभीर आरोप हैं।
आरोपियों की उम्र और प्रोफाइल: पकड़े गए अधिकांश आरोपियों की उम्र 22 से 30 वर्ष के बीच है। पुलिस रिपोर्टों के अनुसार, इनमें से कई युवा स्टडी परमिट (इंटरनेशनल स्टूडेंट) या वर्क वीजा पर कनाडा आए थे।
अंतरराष्ट्रीय गैंग से कनेक्शन: खुफिया एजेंसियों और कनाडाई पुलिस को संदेह है कि ये युवा स्थानीय स्तर पर किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय या भारत आधारित हिंसक गिरोह (जैसे लॉरेंस बिश्नोई गैंग) के लिए 'फुट सोल्जर' (पैदा मोहरों) के रूप में काम कर रहे थे।
कनाडा सरकार का सख्त एक्शन (Deportation): इस मामले में कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी (CBSA) बेहद कड़ा रुख अपना रही है। आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने के कारण कई आरोपियों को कनाडा से डिपोर्ट (देश निकाला) किया जा चुका है और कई अन्य के खिलाफ रिमूवल ऑर्डर जारी किए गए हैं।
यदि आप कैलगरी पुलिस या पील पुलिस द्वारा जारी किए गए इन विशिष्ट आरोपियों के नाम देखना चाहते हैं, या किसी विशेष शहर (जैसे ब्राम्पटन या सरे) की कार्रवाई के बारे में जानना चाहते हैं, तो कृपया बताएं।