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सामान खरीदा 500 रुपये का और बिल देने लगे तो मांगा जाने लगा 600 रुपये. आप परेशान. 100 रुपये बताया गया जीएसटी है. किसी भी चीज की खरीदारी कर रहे हों, एसी की सर्विस करा रहे हों, कैब बुक कर रहे हों, या फिर रेस्त्रां में खाना खा रहे हों. हर चीज में जीएसटी है और हर चीज पर अलग से चार्ज. कई बार ये इतना ज्यादा होता है कि दिल दुख जाता है, मगर अब जीएसटी में बदलाव की घोषणा होने वाली है. यूं तो 15 अगस्त को ही पीएम मोदी ने लाल किले से इसका ऐलान कर दिया था, कुछ देर में इसे लेकर सरकार घोषणा कर सकती है. 22 सितंबर से ये घोषणाएं लागू होंगी.

हिमाचल प्रदेश के वित्त मंत्री ने खोले राज

हिमाचल प्रदेश के वित्त मंत्री ने एनडीटीवी से कहा कि केंद्र और राज्यों में जीएसटी स्लैब घटाने के प्रस्ताव पर सहमति बन गई है. आज जीएसटी काउंसिल की बैठक में आम सहमति बन गई है. अब सिर्फ जीएसटी के दो Slabs होंगे – 5% और 18 फीसदी. नई जीएसटी के रेट्स 22 सितंबर से लागू होंगे. बैठक में केंद्र सरकार ने बताया कि जीएसटी के स्लैप घटने से 93 हजार करोड़ का कुल रिवेन्यू लॉस होगा, लेकिन 40% Slab से करीब 43000 करोड़ की कमाई भी होगी.

सिर्फ अब 5 और 18 फीसदी वाले स्लैब ही रहेंगे. इसको लेकर आम सहमति जीएसटी काउंसिल की बैठक में बन गई है. एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज की रिपोर्ट के अनुसार, जीएसटी 2.0 एक बड़ा बदलाव लाने वाला सुधार होगा. जीएसटी 2.0 सुधार कंज्यूमर सेंटीमेंट को बढ़ावा देंगे, मांग को बढ़ावा देंगे और अनुपालन (Compliance) को सरल बनाएंगे.रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (अनुसंधान) अजीत मिश्रा के अनुसार, जीएसटी परिषद की बैठक को लेकर आशावाद के चलते बुधवार को बाजार में तेजी आई और आधे प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई।

फुटवियर एवं परिधानों को पांच प्रतिशत कर के स्लैब में रखने का निर्णय लिया. सूत्रों ने यह जानकारी दी. अभी तक केवल 1,000 रुपये तक की कीमत वाले जूते-चप्पल एवं परिधान पर ही पांच प्रतिशत की दर से जीएसटी लगता था, जबकि इससे अधिक कीमत वाले उत्पादों पर 12 प्रतिशत कर लगाया जाता था. माल एवं सेवा कर (जीएसटी) से संबंधित मामलों में निर्णय लेने वाले सर्वोच्च निकाय जीएसटी परिषद में लिए गए इस फैसले के बाद 2,500 रुपये तक के फुटवियर और परिधान अब सस्ते हो जाएंगे