आप पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने बुधवार को सीनियर अकाली नेता सिकंदर सिंह मलूका के ‘मुख्यमंत्री मावां धियां सत्कार योजना’ के बारे में दिए गए बयान की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि उनका यह कहना कि पंजाब सरकार 1,000 और 1,500 रुपये सम्मान राशि देकर माताओं और बहनों को ‘खरीदना’ चाहती है, पंजाब की महिलाओं के सम्मान का घोर अपमान है। आप पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने एक बयान में कहा, “अकाली नेता सिकंदर सिंह मलूका को पंजाब को बताना चाहिए कि किस तरह की सोच की वजह से उन्हें लगता है कि मां-बेटियों को 1,000 रुपये या 1,500 रुपये में ‘खरीदा’ जा सकता है। यह सिर्फ एक सरकारी स्कीम पर हमला नहीं है। ऐसी भाषा का इस्तेमाल करके सिकंदर सिंह मलूका ने पंजाब की उन मांओं, बहनों और बेटियों का अपमान किया है, जो गर्व से यह मानदेय प्राप्त कर रही हैं।” उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री मावां धियां सत्कार योजना भगवंत मान सरकार की महिलाओं को आर्थिक रूप से ज़्यादा आत्मनिर्भर बनाने की प्रतिबद्धता को दिखाती है। महिलाओं तक पहुंचने वाले 1,000 रुपये और 1,500 रुपये उनका मानदेय है। सिकंदर सिंह मलूका की इस मदद को महिलाओं को ‘खरीदने’ की कोशिश के तौर पर पेश करने की कोशिश यह दिखाती है कि अकाली लीडरशिप पंजाब की महिलाओं को किस नज़रिए से देखती है।” बलतेज पन्नू ने कहा कि ‘मुख्यमंत्री मावां धियां सत्कार योजना’ की सफलता और बड़े पैमाने पर स्वीकृति ने विपक्ष को साफ तौर पर परेशान कर दिया है। उन्होंने कहा, “भगवंत मान सरकार ने इस पहल के लिए 9,300 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक बजट प्रतिबद्धता की है। यह पैसा सीधे पंजाब की महिलाओं को सशक्त बनाने और उनकी आर्थिक आजादी को मजबूत करने के लिए जा रहा है। मांओं और बेटियों को फायदा पहुंचाने वाली इस पहल का स्वागत करने के बजाय, सिकंदर सिंह मलूका ने इसे पाने वाली महिलाओं को नीचा दिखाने का विकल्प चुना है।” सिकंदर सिंह मलूका के पिछले व्यवहार का हवाला देते हुए, बलतेज पन्नू ने कहा, “यह पहली बार नहीं है जब सिकंदर सिंह मलूका के व्यवहार ने महिलाओं के प्रति उनके रवैये पर सवाल उठाए हैं। पंजाब विरोध कर रहे शिक्षकों से जुड़ी घटना को नहीं भूला है। एक व्यक्ति जिसने बाद में शिक्षा मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी संभाली, उसे शिक्षकों और महिलाओं के प्रति अधिक संवेदनशीलता दिखानी चाहिए थी। उनके हालिया बयान बताते हैं कि उनकी मानसिकता पर लगातार गंभीर सवाल क्यों उठाए जा रहे हैं।” हरसिमरत कौर बादल पर निशाना साधते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि अकाली नेता जो खुद को ‘नन्ही छाँव’ कैंपेन का चेहरा कहती थीं, उन्हें पंजाब को बताना चाहिए कि जब भी उनकी अपनी पार्टी के नेताओं पर सवाल उठते हैं तो उनकी आवाज़ क्यों गायब हो जाती है। बलतेज पन्नू ने पूछा, “हरसिमरत कौर बादल ‘नन्ही छाँव’ की बात करती हैं और महिलाओं के सम्मान के लिए खड़ी होने का दावा करती हैं। लेकिन जब अकाली नेता अमरजीत सिंह चावला से जुड़े श्री आनंदपुर साहिब की सराय के मामले में सवाल उठाए गए, तो यह आवाज़ कहाँ थी? तब हरसिमरत कौर बादल चुप रहीं। अब सिकंदर सिंह मलूका ने मानदेय पाने वाली माताओं और बेटियों के बारे में ये अपमानजनक बयान दिए हैं। क्या हरसिमरत कौर बादल अब बोलेंगी, या वह एक बार फिर चुप रहेंगी?” ‘एक्स’ (X) पर यही सवाल दोहराते हुए बलतेज पन्नू ने लिखा: “मां-बेटियों को सम्मान के तौर पर दिए जाने वाले 1,000 और 1,500 रुपये पर अकाली नेता सिकंदर सिंह मलूका की सोच सुनिए! यही सोच श्री आनंदपुर साहिब के पवित्र सरावन में अकाली नेता अमरजीत सिंह चावला के मामले में भी देखी गई थी! खुद को ‘नन्ही छांव’ कहने वाली हरसिमरत कौर बादल ने अब तक सरावन मामले पर कुछ नहीं कहा है। क्या अब आप सिकंदर सिंह मलूका के बारे में भी कुछ कहेंगे?” पंजाब महिला आयोग ने सिकंदर सिंह मलूका के बयानों पर स्वत: संज्ञान लिया पंजाब राज्य महिला आयोग ने शिरोमणि अकाली दल के नेता सिकंदर सिंह मलूका के ‘मुख्यमंत्री मावां धियां सत्कार योजना’ पर दिए गए बयानों पर स्वत: संज्ञान लिया है। आयोग ने सिकंदर सिंह मलूका से जवाब मांगा है और संबंधित अधिकारियों को मामले की जांच करने का निर्देश दिया है। यह डेवलपमेंट स्कीम के तहत योग्य महिलाओं को 1,000 रुपये और 1,500 रुपये महीने का मानदेय दिए जाने पर उनके बयानों पर विवाद के दौरान सामने आया है।