पंजाब को नशा मुक्त बनाने और युवा पीढ़ी को नशों के दुष्प्रभावों से बचाने के उद्देश्य से वार्ड नंबर 48 में ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ मुहिम के तहत एक जागरूकता बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत की अगुवाई में निजातम नगर की गली नंबर 7 स्थित दर्शन अकैडमी में आयोजित हुई। इस अवसर पर पार्षद सरदार हरजिंदर सिंह लाडा विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके अलावा पुलिस विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी बैठक में शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य लोगों को नशों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयासों को मजबूत बनाना था। इस दौरान नशों की समस्या से निपटने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया गया। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि नशा केवल एक व्यक्ति को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि इसका असर पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है। विशेष रूप से युवाओं को नशों से दूर रखने के लिए उन्हें जागरूक करना, सही मार्गदर्शन देना और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना बेहद जरूरी है। पुलिस विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति ने नशों के खिलाफ जागरूकता फैलाने में प्रशासन तथा समाज की साझा जिम्मेदारी को रेखांकित किया। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को नशों के दुष्परिणामों की जानकारी देने के साथ-साथ इस सामाजिक बुराई के खिलाफ एकजुट होकर कार्य करने के लिए प्रेरित किया जाता है। इस अवसर पर नशा मुक्त पंजाब के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए परिवारों, सामाजिक संस्थाओं, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों से सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया गया। समाज के सभी वर्गों के संयुक्त प्रयासों से ही युवाओं को नशों से बचाकर स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य की दिशा में आगे बढ़ाया जा सकता है। बैठक का संदेश स्पष्ट था कि नशों के खिलाफ लड़ाई को जन आंदोलन बनाने के लिए प्रत्येक नागरिक को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। जागरूकता, सामाजिक सहयोग और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से ही पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ा जा सकता है। आइए, हम सभी मिलकर नशों के खिलाफ आवाज बुलंद करें और नशा मुक्त, स्वस्थ एवं सुरक्षित पंजाब के निर्माण में अपना योगदान दें।