मैं अपमानजनक भाषा का प्रयोग नहीं करूंगा, लेकिन हर सवाल का जवाब है मेरे पास: बलतेज पन्नू
आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू सोमवार को कहा कि वह अकाली दल (बादल) के नेता विरसा सिंह वल्टोहा की तरह अभद्र भाषा का का प्रयोग करके नीचे नहीं गिरेंगे, लेकिन उनके विरुद्ध उठाए गए हर सवाल और आरोप का जवाब उनके पास है। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता और टीचरों की सीख ने उन्हें भाषा की तहज़ीब बनाए रखना सिखाया है, चाहे वह किसी को भी जवाब दे रहे हों।
विरसा सिंह वल्टोहा के उनके खिलाफ की गई टिप्पणियों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए आप पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने कहा, "सब जानते हैं कि अकाली सरकार ने 2015 में मेरे खिलाफ झूठा केस दर्ज किया था। मैंने वह केस कोर्ट में करीब साढ़े चार साल तक लड़ा और बरी हो गया। अगर विरसा सिंह वल्टोहा ने अपनी भाषा ठीक नहीं की, तो मैं आपको एक-एक शब्द बताऊंगा कि उस केस के पीछे कौन था और उसने उस समय क्या किया था। मैंने यह सब खुद झेला है और सब कुछ मेरी उंगलियों पर है।"
आप पंजाब के मीडिया इंचार्ज ने कहा कि विरसा सिंह वल्टोहा को बहरीन की एक महिला के चरित्र पर हमला करने के बजाय उससे जुड़े आरोपों का जवाब भी देना चाहिए। उन्होंने कहा, "हमने बार-बार देखा है कि विरसा सिंह वल्टोहा किस तरह की भाषा का इस्तेमाल करते हैं। एक महिला के खिलाफ उनके कमेंट और उनका लगातार चरित्रहनन बहुत आपत्तिजनक है। अगर विरसा सिंह वल्टोहा को उसके बारे में ये सब बातें पता थीं, तो उन्हें पंजाब क्यों लाया गया और महीनों तक एसजीपीसी हॉस्टल में क्यों रखा गया? उन्हें कथित तौर पर एसजीपीसी की गाड़ी और दो नौकर क्यों दिए गए, और उनके अकाउंट में पैसे क्यों ट्रांसफर किए गए? ये ऐसे सवाल हैं जिनके जवाब चाहिए।"
बलतेज पन्नू ने विरसा सिंह वल्टोहा के इस दावे पर भी सवाल उठाया कि उन्होंने जो ऑडियो जारी की वह एआई से बनी थी। उन्होंने कहा, “अगर आपको लगता है कि यह एआई ने बनाया है, तो लीगल एक्शन लें और फोरेंसिक जांच से सच सामने आने दें। लेकिन कल को यह दावा करना शुरू न करें कि बहरीन की महिला, एफआईआर, सराय का कमरा, गाड़ी, सेवादार और एसजीपीसी रिकॉर्ड भी एआई ने बनाए थे।”
उन्होंने कहा कि विरसा सिंह वल्टोहा के अपने बयानों से यह साफ है कि वह उस महिला के संपर्क में थे। उन्होंने कहा कि इससे गंभीर सवाल उठते हैं कि वह महिला विरसा सिंह वल्टोहा और दूसरों के संपर्क में कैसे और क्यों आई और उसे किस मकसद से पंजाब लाया गया था।
आप पंजाब के मीडिया इंचार्ज ने विरसा सिंह वल्टोहा पर निशाना साधा, जो सवालों के जवाब देने में असहजता के कारण उन पर निजी टिप्पणियां भी कर रहे थे। उन्होंने कहा, “मैंने हमेशा अपनी भाषा की गरिमा बनाए रखी है क्योंकि यह शिक्षा मुझे अपने माता-पिता, शिक्षकों और गुरु नानक साहिब की शिक्षाओं से मिली है। मैं दूसरी तरफ की बात सुनूंगा और जवाब दूंगा, लेकिन मैं उस गरिमा को नहीं छोड़ूंगा।”
विरसा सिंह वल्टोहा के महिलाओं के बारे में बार-बार किए गए कमेंट्स पर कड़ी आपत्ति जताते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि किसी के खिलाफ केस होने से किसी को उसके चरित्र पर हमला करने का हक नहीं मिल जाता। उन्होंने कहा, “किसी महिला के खिलाफ केस होने से किसी को उसके चरित्रहनन का हक नहीं मिल जाता। अगर आपको उसके बारे में सब कुछ पता था, तो सवाल यह है कि आप उसे यहां क्यों लाए और इतने लंबे समय तक एसजीपीसी की सराय में क्यों रखा।”
बलतेज पन्नू ने इस मामले पर सीनियर अकाली लीडरशिप और एसजीपीसी लीडरशिप की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सुखबीर सिंह बादल, जिन्हें उन्होंने अकाली दल का "मुख्य संरक्षक" बताया, उन्हें दूसरों की तरफ से बार-बार बोलने के बजाय खुद इन सवालों का जवाब देना चाहिए।
बलतेज पन्नू ने कहा कि एसजीपीसी प्रधान हरजिंदर सिंह धामी को भी उस महिला से जुड़े एसजीपीसी के फैसलों और रिकॉर्ड के बारे में स्थिति साफ करनी चाहिए।
बलतेज पन्नू ने कहा कि उन्होंने जानबूझकर विरसा सिंह वल्टोहा की हर निजी टिप्पणी का जवाब देने से परहेज किया है, लेकिन अगर ज़रूरत पड़ी तो वह एक और प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे और जनता के सामने सारे तथ्य रखेंगे कि उस समय क्या हुआ था, कौन शामिल था और क्या कार्रवाई की गईं थीं।
रूप कौर संधू का ज़िक्र करते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि विरसा सिंह वल्टोहा को भी चुप रहने के बजाय उस महिला के उठाए सवालों का जवाब देना चाहिए।
बलतेज पन्नू ने आगे कहा कि विरसा सिंह वल्टोहा का बार-बार गाली-गलौज और अभद्र भाषा का इस्तेमाल यह दिखाता है कि उन्हें अपनी ज़बान पर कंट्रोल रखने और उस बीमारी का इलाज करवाने की ज़रूरत है जो वह बार-बार अपनी ज़बान से दिखाते हैं।