BURNING NEWS✍️RAJESH SHARMA
Fast Tag को लेकर लगातार केंद्र सरकार बड़े बदलाव कर रही है जहां मात्र तीन हजार रूपए में नेशनल हाईवे पर 15 रूपए कटने पर पूरा साल जा सकते है वहीं अब एक ओर सुविधा सरकार ने आम लोगों को प्रवाण करने का फैसला लिया है। वाहन चालकों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने टोल भुगतान प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं, जिससे अब बिना FASTag वाले वाहन चालक भी डिजिटल तरीके से टोल का भुगतान कर सकेंगे।
UPI से टोल भुगतान की सुविधा शुरू
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की नई अधिसूचना के अनुसार, अब जिन वाहनों में FASTag नहीं होगा, वे भी UPI (Unified Payments Interface) के माध्यम से टोल शुल्क जमा कर सकेंगे। इसके लिए अब उन्हें डबल टोल देने की बजाय केवल 1.25 गुना टोल राशि भरनी होगी। यह सुविधा 15 नवंबर से पूरे देश में लागू हो जाएगी।
लंबी कतारों और नकद धोखाधड़ी पर नियंत्रण
सरकार का उद्देश्य डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देना और टोल प्लाजा पर लंबी कतारों को कम करना है। साथ ही, नकद लेन-देन में होने वाली धोखाधड़ी पर भी प्रभावी नियंत्रण रखा जाएगा। इससे टोल संग्रह में पारदर्शिता बढ़ेगी और वाहन चालकों के लिए भुगतान प्रक्रिया सरल और तेज़ हो जाएगी।
FASTag के बिना वाहन चालकों को भी लाभ
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में लगभग 98% वाहन पहले ही FASTag से लैस हैं। नए नियम लागू होने के बाद, शेष छोटे प्रतिशत वाहनों को भी डिजिटल टोल भुगतान का लाभ मिलेगा। इससे पुराने डबल टोल नियम का अंत होगा और बिना FASTag वाले वाहन चालकों की परेशानी कम होगी।
सरकार की डिजिटल इंडिया पहल को बढ़ावा
यह कदम भारत में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। सरकार का मानना है कि इससे टोल संग्रह की दक्षता में सुधार होगा और पूरे देश में सड़क यातायात अधिक सुव्यवस्थित और सुचारू रहेगा।









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