जब दुनिया विश्व हाइपरटेंशन दिवस मना रही है, तब पंजाब सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना हाइपरटेंशन और इससे जुड़ी बीमारियों से जूझ रहे मरीज़ों को सस्ती और समय पर स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध करवाकर बड़ी राहत प्रदान कर रही है।

हाइपरटेंशन, जिसे आमतौर पर हाई ब्लड प्रेशर कहा जाता है, को डॉक्टर अक्सर ‘साइलेंट किलर’ कहते हैं। यह बिना किसी स्पष्ट चेतावनी के स्ट्रोक, हार्ट फेल्योर या किडनी रोग जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है। यह बीमारी लगभग हर आयु वर्ग में देखी जा रही है।

सभी आयु वर्गों में बढ़ रहे हाइपरटेंशन के मामलों को ध्यान में रखते हुए पंजाब सरकार रोकथाम, शीघ्र पहचान और उपचार पर विशेष ध्यान दे रही है। जहाँ ‘सीएम दी योगशाला’ स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा दे रही है, वहीं आम आदमी क्लीनिक प्रारंभिक स्क्रीनिंग सुनिश्चित कर रहे हैं (1 करोड़ लोगों की जाँच, 24 लाख उपचाराधीन), और मुख्यमंत्री सेहत योजना कैशलेस उपचार उपलब्ध करवाकर स्ट्रोक और हृदय रोग जैसी गंभीर जटिलताओं से बचाव में मदद कर रही है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार भारत में उच्च रक्तचाप का बोझ तेज़ी से बढ़ रहा है, जिसके प्रमुख कारण ग़लत खानपान, तनाव, तंबाकू सेवन, शारीरिक गतिविधि की कमी और अनियमित जीवनशैली हैं।

डॉक्टरों का कहना है कि कई मरीज़ों को इस बीमारी का पता तब चलता है जब गंभीर जटिलताएँ उत्पन्न हो चुकी होती हैं। इस बढ़ते स्वास्थ्य संकट के बीच पंजाब की मुख्यमंत्री सेहत योजना एक मजबूत सुरक्षा कवच के रूप में उभरी है। यह योजना हज़ारों मरीज़ों को महँगे इलाज के डर के बिना हाइपरटेंशन और इससे संबंधित बीमारियों का उपचार उपलब्ध करवा रही है।

इस विश्व हाइपरटेंशन दिवस पर मुख्यमंत्री सेहत योजना की सबसे बड़ी उपलब्धि केवल निपटाए गए मामलों की संख्या नहीं, बल्कि उच्च रक्तचाप की रोकथाम और समय पर पहचान पर दिया गया विशेष ज़ोर भी है।

भगवंत मान सरकार ने पंजाब भर में स्क्रीनिंग, शीघ्र पहचान और उपचार प्रणाली को मज़बूत किया है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “990 आम आदमी क्लीनिकों सहित सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर 30 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की हाइपरटेंशन के लिए नियमित जाँच की जा रही है और उन्हें समय पर उपचार से जोड़ा जा रहा है।”

उन्होंने बताया कि 30 वर्ष से अधिक आयु के 1 करोड़ से ज़्यादा लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है और 24 लाख लोगों को उपचार के दायरे में लाया गया है। मासिक फॉलोअप, मुफ़्त दवाइयाँ और समय पर रेफरल के माध्यम से निरंतर देखभाल सुनिश्चित की जा रही है, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएँ मज़बूत हुई हैं।

इसके साथ ही पंजाब सरकार की महत्त्वपूर्ण पहल ‘सीएम दी योगशाला’, जिसके तहत 10,600 से अधिक योग-कक्षाएँ और लगभग 3 लाख प्रतिभागी जुड़े हुए हैं; योग, तनाव प्रबंधन और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा दे रही है, ताकि हाइपरटेंशन और अन्य जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों पर नियंत्रण पाया जा सके।