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पंजाब कांग्रेस में नई संगठनात्मक नियुक्तियों के बाद शुरू हुई अंदरूनी नाराजगी अब खुलकर सामने आने लगी है। शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के मोरिंडा स्थित आवास पर कई घंटे तक चली बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने संगठन से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।

हाईकमान को फैसले पर दोबारा विचार करना चाहिए
बैठक के बाद वरिष्ठ कांग्रेस नेता तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा ने कहा कि उनकी पार्टी हाईकमान से कोई लड़ाई नहीं है। जल्द ही हाईकमान से मुलाकात कर बैठक में सामने आए सभी सुझाव और नेताओं की भावनाएं रखी जाएंगी। उन्होंने कहा कि बैठक में शामिल सभी नेताओं की राय है कि कांग्रेस हाईकमान को हाल ही में की गई संगठनात्मक नियुक्तियों पर एक बार फिर विचार करना चाहिए। बाजवा ने कहा कि यह मांग पार्टी के खिलाफ नहीं, बल्कि कांग्रेस को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से की जा रही है। उन्होंने कहा कि चन्नी भी हाईकमान से मुलाकात करेंगे और अन्य नेता भी अलग-अलग जाकर अपना पक्ष रखेंगे। बैठक को कुछ लोगों द्वारा ‘बागियों की बैठक’ बताए जाने पर बाजवा ने कहा कि यह किसी तरह की बगावत नहीं है। कांग्रेस एक लोकतांत्रिक पार्टी है और हर नेता को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है। बैठक का उद्देश्य केवल अपनी भावनाएं और सुझाव पार्टी नेतृत्व तक पहुंचाना था।

बैठक के बाद समिति बनाने का फैसला
कांग्रेस नेता बरिंदर सिंह ढिल्लों ने बताया कि बैठक में बड़ी संख्या में पूर्व विधायक, हलका इंचार्ज, चुनाव लड़ चुके उम्मीदवार और वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया। सभी नेताओं ने खुलकर अपनी राय रखी। इसके बाद निर्णय लिया गया कि एक समिति बनाई जाएगी, जो बैठक में सामने आए सभी सुझावों और मुद्दों को संकलित कर कांग्रेस हाईकमान तक पहुंचाएगी। समिति के सदस्यों और उसकी कार्यप्रणाली की घोषणा जल्द की जाएगी। बरिंदर सिंह ढिल्लों ने कहा कि यह केवल पदों की लड़ाई नहीं है। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस को मजबूत बनाने के लिए सभी नेताओं को साथ लेकर चलना जरूरी है। बैठक में किसी भी नेता ने पार्टी छोड़ने या अलग गुट बनाने जैसी कोई बात नहीं की। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से चर्चा थी कि चरणजीत सिंह चन्नी नई पार्टी बना सकते हैं या अलग गुट खड़ा कर सकते हैं