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जैक लगाकर मकान को ऊँचा उठाने के चक्कर में तीन लोगों की मौत हो गई। पुराने मकान को जैक के जरिएं ऊपर उठाया जा रहा था जिसके बाद अचानक ही मकान ध्वस्त हो गया। घटना में तीन मज़दूरों की मौत हो गई।
बरनाला के फरवाही गांव में आज एक बड़ा हादसा हो गया जब एक घर में सो रहे तीन मजदूरों की घर के मलबे में दबने से मौत हो गई।मिली जानकारी के मुताबिक, आज सुबह फरवाही गांव के बीच में बने घर के मालिक स्वर्गीय जीवन कुमार के बेटे विशाल गोयल के घर एक तरफ से उठ गई, जिसके लिए घर को सीधा करने का ठेका मोगा ज़िले के संबंधित ठेकेदारों को दिया गया था। जो पिछले 15 दिनों से अपने जैक से घर को एक तरफ से समतल कर रहे थे। और रोज काम करने वाला मजदूर रात में उसी घर में सोता था। आज सुबह करीब 4.20 बजे हुए इस हादसे के दौरान, हादसे से पहले तीन मजदूर झोपड़ी में सो रहे थे। लेकिन अचानक जैक लगने और चल रही तेज हवाओं और बारिश के मौसम के कारण यह हादसा हुआ जहां घर में सो रहे तीन मजदूरों की मौत हो गई।
मृतक तीनों मजदूर मोगा जिले के बताए जा रहे हैं।
मरने वालों की पहचान
बॉबी सिंह उर्फ वरिंदर सिंह (40), रहने वाले दोसांझ ज़िला मोगा
प्रिंस, मोगा (24)
गुरजीत सिंह उर्फ गंजा (35) गांव, डाला (मोगा)
V/o – जब घटना का पता चला तो गांव वाले इकट्ठा हुए और अपने लेवल पर बचाव का काम शुरू किया, वहीं संबंधित पुलिस प्रशासन भी मौके पर पहुंचा। लेकिन ज़िला सिविल प्रशासन का कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। गांव वालों ने अपने लेवल पर बचाव का काम किया, वहीं पुलिस प्रशासन तो मौजूद था लेकिन सिविल प्रशासन का कोई भी अधिकारी मौजूद नहीं था।इस मामले में, तीन मज़दूर घर के अंदर सो रहे थे। घर गिरने से मलबे में दबकर उनकी दर्दनाक मौत हो गई। उनके शव गांव वालों ने बाहर निकाले।
बरनाला के गांव फरवाही में एक मकान गिरने से तीन मज़दूरों की मौत हो गई। मरने वालों में ज़िला मोगा के गांव दोसांझ के रहने वाले 40 साल के वरिंदर सिंह उर्फ बॉबी की भी इसमें मौत हो गई। मौत की खबर सुनते ही मृतक के परिवार वाले गांव परवाही पहुंचे और अपनी संवेदनाएं जताईं। जहां बेटे की मौत के बाद रोती हुई मां से देखा नहीं जा रहा था। रोती हुई मां ने कहा कि उसके पति की पहले ही मौत हो चुकी है और अब वरिंदर सिंह घर में अकेला कमाने वाला बेटा था। उसने बिल्डिंग कॉन्ट्रैक्टर पर भी गंभीर आरोप लगाए जो आज इस दुनिया से चला गया और कहा कि उसे और उसके बेटे को नशे की आड़ में यहां काम करने के लिए लाया गया था। जो युवाओं को सफेद नशीली दवाएं और मेडिकल कैप्सूल देकर काम करने के लिए फुसलाता है। इस मामले में मृतक की मां ने रोते हुए कहा कि वह खुद विधवा हो गई थी, उसके बाद उसकी बहू भी विधवा हो गई, अब घर में सिर्फ दो विधवा महिलाएं बची हैं। उसने पंजाब सरकार से मांग की कि परिवार में कोई और कमाने वाला नहीं है। मृतक वरिंदर सिंह उर्फ अपने पीछे तीन बच्चे भी छोड़ गया है, एक 12 साल की लड़की, एक 11 साल का लड़का और एक चार साल की लड़की। इस मामले को लेकर मृतक की मां रोती हुई नजर आई और बेटे की मौत के बाद परिवार के गुजारे का जुगाड़ कर रही है। सरकार उसके परिवार की मदद करेगी या नहीं, यह तो वक्त ही बताएगा, लेकिन इस दुखद घटना से तीनों परिवारों पर मातम छा गया है। इस मामले को लेकर गांववालों, गांव की पंचायतों, समाजसेवी संस्थाओं और अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों के नेताओं ने भी इस दुखद घटना पर दुख जताया और पंजाब सरकार से मृतक मजदूरों के परिवार वालों के लिए आर्थिक मदद की मांग की। इस गिरे हुए घर की CCTV कैमरे की फुटेज सामने आई है, इस घर के गिरने से जहां घर के मालिक को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है, वहीं आस-पास के घरों को भी बड़ा नुकसान हुआ है। इस मौके पर कोई भी सिविल अधिकारी नहीं पहुंचा, सिर्फ पुलिस प्रशासन और गांववाले ही मौजूद थे।









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