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हम सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को ट्रेनिंग के लिए विदेश भेज रहे हैं ताकि हमारे बच्चों को पढ़ाई के लिए विदेश न जाना पड़े: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

BURNING NEWS✍️

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि पंजाब दशकों से चले आ रहे राजनीतिक शोषण से विकास, शिक्षा सुधार और लोक कल्याण आधारित शासन के युग की ओर निर्णायक बदलाव का गवाह बन रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य के लोग एक बार फिर कांग्रेस और अकाली दल-बीजेपी का सफाया के लिए ‘झाड़ू’ का इस्तेमाल करेंगे, जिन्होंने लोक कल्याण को नजरअंदाज करके बारी-बारी पंजाब पर राज किया।

सीमावर्ती जिला गुरदासपुर के कादियां में 168.44 करोड़ रुपये की 237 ग्रामीण लिंक सड़कों के नवीनीकरण के लिए नींव पत्थर रखने के बाद सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रही है, रोजगार के अवसर पैदा कर रही है और सरकारी स्कूलों की कायाकल्प कर रही है। साथ ही उन्होंने यह भी खुलासा किया कि पिछली सरकारों ने आम लोगों की जरूरतों से ज्यादा कमीशन और सत्ता भोगने की राजनीति को तरजीह दी थी।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पिछली सरकारों ने सरकारी स्कूल बंद कर दिए थे और सीमावर्ती क्षेत्रों को अनदेखा किया था, लेकिन पंजाब सरकार नए आधुनिक स्कूल बना रही है, शिक्षकों को ट्रेनिंग के लिए विदेश भेज रही है ताकि पंजाब के बच्चों को शिक्षा के लिए विदेश न जाना पड़े। 1.50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को आकर्षित किया जा रहा है जिससे 5.20 लाख नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है और पंजाब के हर कोने में विकास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि काहनूँवां को सब-डिवीजन बनाने का फैसला किया है ताकि सभी मुख्य सरकारी दफ्तरों को एक छत के नीचे लाया जा सके।

एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इन पार्टियों ने सत्ता की लालसा में हमेशा लोगों को मूर्ख बनाया है। उन्होंने कहा कि इन पार्टियों के पास राज्य की पूंजी लूटने और आम आदमी का शोषण करने के अलावा कोई अन्य एजेंडा नहीं है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनके लिए राज्य के लोग सबसे ऊपर हैं और राज्य सरकार ने लोगों की भलाई के लिए अभूतपूर्व पहल की हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि माझा क्षेत्र की लंबे समय से प्रतिनिधित्व करने वाले तस्करों ने हमारी पीढ़ियों को बर्बाद कर दिया, जिसके लिए ऐसे लोगों को आने वाली विधानसभा चुनावों में सबक सिखाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम लोग बेकरी के बने बिस्कुट खाते हैं जबकि पहाड़ों के कन्वेंट स्कूलों से पढ़े हुए इन नेताओं ने हमेशा अपने पिता के तस्करी किए सोने के बिस्कुट इस्तेमाल किए हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन नेताओं के पास आम आदमी की सेवा करने का कोई एजेंडा नहीं है और सिर्फ सत्ता हासिल करने की अंधी दौड़ में हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन शाही ठाठ वाले नेताओं का आम लोगों से कोई मेल नहीं है और उनकी कारें, ओवरकोट, अलमारी या कुछ भी हमारे साथ मेल नहीं खाता। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने विधानसभा, राज्यसभा और लोकसभा में इस इलाके का प्रतिनिधित्व किया, उन्होंने कभी भी इसके विकास पर ध्यान नहीं दिया और इसके उलट सड़कों पर टोल स्थापित किए। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन दिग्गज नेताओं का घर भी दो पार्टियों में बंटा हुआ है क्योंकि इन नेताओं के घर पर दो पार्टियों के झंडे लगे हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस में हर नेता राज्य का मुखिया बनना चाहता है। उन्होंने कहा कि उनके पास चुनाव में काम करने के लिए आम कार्यकर्ताओं से ज्यादा मुख्यमंत्री के चेहरे ज्यादा हैं। उन्होंने कहा कि इसी कारण उनके चोटी के नेता ने राज्य में हाल ही में समाप्त हुई एक रैली के दौरान इन नेताओं को खुलेआम नजरअंदाज किया। कांग्रेस नेता द्वारा राज्य में सत्ता संभालने के सपने देखने पर चुटकी लेते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा कि कांग्रेस पार्टी एक बंटा हुआ घर है जो आंतरिक लड़ाई के कारण ही ढह-ढेर हो जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बहुत दुख की बात है कि सत्ता के लिए झगड़े करने वाले इन नेताओं को एकजुट करने के लिए आने वाले चोटी के कांग्रेसी नेता को उनका नाम भी उच्चारण नहीं आता। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन कांग्रेसी नेताओं के पास राज्य के विकास के लिए कोई दृष्टिकोण नहीं है और उनका एकमात्र उद्देश्य सत्ता संभालकर पंजाब की दौलत लूटना है लेकिन उनके सपने कभी पूरे नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि पहले ये पारंपरिक पार्टियां सत्ता हड़पने के लिए सिर्फ अपनी बारी की प्रतीक्षा करती थीं लेकिन अब झाड़ू इन पार्टियों द्वारा पैदा की गई गंदगी को साफ कर रहा है।

अकाली नेतृत्व पर वार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों को अपनी पार्टी की कमेटी बनाने के लिए 11 सदस्य भी नहीं मिल रहे, वे राज्य में 117 सीटें जीतने के सपने देख रहे हैं। भगवंत सिंह मान ने लोगों को याद दिलाया कि इन नेताओं ने राज्य में गैंगस्टरों को संरक्षण दिया है और नशा तस्करों को बचाकर नौजवानों को नशों की दलदल में धकेल दिया। उन्होंने कहा कि अकाली दल चले हुए कारतूसों की पार्टी है जिन्हें लोगों ने बार-बार सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाया है। उन्होंने कहा कि अकाली धर्म का दुरुपयोग कर सकते हैं लेकिन लोग अब इनके झांसे में नहीं आएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अकाली नेतृत्व राज्य के लोगों को गुमराह करने के लिए हवा में महल बना रहा है, लेकिन पंजाबी इनके झांसे में नहीं आएंगे। भगवंत सिंह मान ने कहा कि लोग अकालियों को उनके पापों के लिए कभी माफ नहीं करेंगे और उन्हें फिर सबक सिखाएंगे। उन्होंने कहा कि सुखबीर बादल दावा करते हैं कि राज्य का पूरा विकास उनके कार्यकाल में हुआ है लेकिन वे राज्य में उनके कार्यकाल के दौरान हुई बेअदबी की घटनाओं का जिक्र नहीं करते।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन लोगों ने अपने संकीर्ण स्वार्थों के लिए धर्म का इस्तेमाल करके आम लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है, जो कि माफ़ी योग्य नहीं है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि अकाली उन ताकतों के साथ मिले हुए हैं जो सिख पंथ और पंजाब विरोधी हैं। उन्होंने कहा कि ये नेता सबसे बड़े मौकापरस्त हैं, जो राज्य की चिंता करने की बजाय केवल अपने संकीर्ण हितों की पूर्ति के लिए काम करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वास्तव में पारंपरिक पार्टियां उनसे ईर्ष्या करती हैं क्योंकि उन्होंने आम लोगों की भलाई को अपना मुख्य एजेंडा बनाया है। उन्होंने कहा कि पहले कांग्रेस और भाजपा बारी-बारी से सत्ता का आनंद लेते थे और एक-दूसरे के हितों की रक्षा करते हुए आपसी मिलीभगत से पंजाब को लूटते थे। भगवंत सिंह मान ने कहा कि वे राज्य को लूटने के लिए अपनी बारी का इंतजार करते रहते थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह गंदी खेल उस समय बंद हो गई जब ‘आप’ ने देश की राजनीति में कदम रखा, लेकिन ये पार्टियां नहीं चाहतीं कि ऐसा हो। उन्होंने कहा कि जो भी भ्रष्टाचार और उनके घिनौने कारनामों के खिलाफ आवाज उठाता है, उसे उनके गुस्से का सामना करना पड़ता है और बिना किसी कारण जेलों में डाल दिया जाता है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि ये भ्रष्ट नेता ईमानदार लोगों को निशाना बनाते हैं और उनके खिलाफ झूठे मामले दर्ज कराते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों में राज्य सरकार द्वारा लोगों की भलाई के लिए बेमिसाल कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष को लोगों की भलाई या उनकी खुशहाली की कोई चिंता नहीं है। उन्होंने कहा कि इन नेताओं का उद्देश्य केवल सत्ता हथियाने तक सीमित है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन लोगों की खराब और पिछड़ेपन वाली नीतियों ने राज्य के लोगों का भविष्य बर्बाद कर दिया, जिनको दो वक्त की रोटी का इंतज़ाम करने के लिए छोटे-मोटे काम करने पड़ते थे, जबकि इन लोगों ने अपने पूर्वजों द्वारा तस्करी किए गए ‘सोने के बिस्कुटों’ के आधार पर जीवन का आनंद लिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार राज्य के लोगों की भलाई के लिए सरकारी खजाने का पूरी समझदारी से उपयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य के 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है और अब किसानों को भी दिन के समय बिजली मिल रही है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि ऐसे समय में जब केंद्र सरकार द्वारा अपने करीबी दोस्तों को देश की संपत्तियां कम कीमतों पर दी जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर पंजाब सरकार ने खुद एक निजी थर्मल प्लांट खरीदा और उसका नाम श्री गुरु अमरदास जी के नाम पर रखा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ शुरू की है, जिसके तहत सामान्य वर्ग की 18 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को 1000 रुपये प्रति माह और अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 1500 रुपये प्रति माह आर्थिक सहायता के रूप में दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि आम लोगों, खासकर गरीब वर्ग के लिए 1000-1500 रुपये भी एक महत्वपूर्ण राशि है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह राशि माताओं और बेटियों के सम्मान का प्रतीक है और इस योजना के कारण महिलाओं के चेहरों पर आई मुस्कान उन्हें बेहद संतुष्टि देती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए अपनी क्षमता को और बेहतर बनाने हेतु शिक्षकों और प्रिंसिपलों को विदेश भेज रही है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह बहुत गर्व और संतोष की बात है कि भारत सरकार द्वारा कराए गए नेशनल अचीवमेंट सर्वे में पंजाब ने केरल को भी पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को आर्म्ड फोर्सेज़ प्रिपरेशन, नीट, जेईई, क्लैट और निफ्ट जैसी प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के लिए विशेष कोचिंग दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें यह बताते हुए खुशी हो रही है कि स्कूल ऑफ एमिनेंस और अन्य सरकारी स्कूलों के लगभग 300 विद्यार्थियों ने जेईई मेन्स, जेईई एडवांस्ड और नीट परीक्षाएं पास की हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को अब पहली बार खेतों के लिए दिन के समय बिजली मिल रही है, जिससे उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि एक ओर राज्य सरकार आम आदमी को इतनी सुविधाएं दे रही है, वहीं दूसरी ओर दिल्ली की भाजपा सरकार ने सत्ता में आने के बाद जनता को दी जाने वाली ऐसी सभी सुविधाएं बंद कर दी हैं। उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टियां आम लोगों के हित में कोई भी नीति शुरू करने के खिलाफ हैं और ऐसी नीतियों का हमेशा विरोध करती हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना शुरू की है, जो देश की अपनी तरह की पहली योजना है और राज्य के हर परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि यह गर्व और संतोष की बात है कि पंजाब ऐसा व्यापक स्वास्थ्य कवरेज प्रदान करने वाला पहला भारतीय राज्य है, जिसने गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करते हुए जनता पर आर्थिक बोझ को काफी हद तक कम किया है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस ऐतिहासिक कदम का उद्देश्य राज्य के सभी परिवारों को व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।

मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि काहनूवान को एक सब-डिवीजन बनाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि एक अत्याधुनिक स्टेडियम भी स्थापित किया जाएगा और बंद पड़ी आईटीआई को भी फिर से शुरू किया जाएगा। भगवंत सिंह मान ने कहा कि कादियां और धालीवाल में सीवरेज बिछाने का काम भी समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि माझा क्षेत्र में महाराजा रणजीत सिंह आर्म्ड फोर्सेज़ प्रिपरेटरी अकादमी की तर्ज पर एक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया जाएगा। भगवंत सिंह मान ने कहा कि धालीवाल वूलन मिल को दोबारा खोलने का मुद्दा भी केंद्र सरकार के समक्ष उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार राज्य में निवेश और औद्योगिक ढांचे को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है और अपने प्रयासों से अब तक 1.50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त किए हैं, जिनसे युवाओं के लिए 5.20 लाख नए रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं।
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