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मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के सशक्त और दूरदर्शी नेतृत्व में आम आदमी पार्टी की पंजाब सरकार ने एक ऐतिहासिक और अत्यंत सराहनीय निर्णय लेते हुए अमृतसर, श्री आनंदपुर साहिब और तलवंडी साबो को पवित्र शहर घोषित किया है। इस संबंध में जारी किया गया आधिकारिक नोटिफिकेशन पंजाब की शासन व्यवस्था में संवेदनशीलता, सामाजिक जिम्मेदारी और परंपराओं के सम्मान का स्पष्ट उदाहरण है।
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं जालंधर सेंट्रल के इंचार्ज श्री नितिन कोहली ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह फैसला केवल एक प्रशासनिक घोषणा नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सरकार की उस सोच को दर्शाता है, जिसमें विकास के साथ-साथ मूल्यों, मर्यादा और जनता की भावनाओं को समान प्राथमिकता दी जाती है।
नितिन कोहली ने कहा कि यह ऐतिहासिक घोषणा श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी वर्ष के पावन अवसर पर श्री आनंदपुर साहिब से की गई, जिससे इस निर्णय का महत्व और भी बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि यह कदम यह सिद्ध करता है कि पंजाब सरकार अपने इतिहास और विरासत को केवल शब्दों में नहीं, बल्कि ठोस नीतिगत फैसलों के माध्यम से सम्मान दे रही है।
उन्होंने कहा कि अमृतसर, श्री आनंदपुर साहिब और तलवंडी साबो न केवल धार्मिक आस्था के प्रमुख केंद्र हैं, बल्कि पंजाब की सांस्कृतिक पहचान, ऐतिहासिक चेतना और वैश्विक छवि के भी प्रतीक हैं। इन्हें पवित्र शहर घोषित किए जाने से इन नगरों की गरिमा और अनुशासन को नई मजबूती मिलेगी।
नितिन कोहली ने बताया कि जारी नोटिफिकेशन के तहत इन पवित्र शहरों में मीट, शराब, तंबाकू और सभी प्रकार के नशीले पदार्थों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लागू रहेगा। यह निर्णय सामाजिक मर्यादा, स्वच्छ वातावरण और सम्मानजनक जीवनशैली को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में AAP सरकार केवल प्रतिबंध लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इन पवित्र शहरों के संतुलित और योजनाबद्ध विकास के लिए भी पूरी तरह प्रतिबद्ध है। श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ई-रिक्शा, मिनी बसों और सार्वजनिक परिवहन की बेहतर व्यवस्था, स्वच्छता अभियान, ट्रैफिक प्रबंधन और आधारभूत ढांचे को मजबूत किया जाएगा।
नितिन कोहली ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने सत्ता में आने के बाद यह लगातार साबित किया है कि उसकी प्राथमिकता दिखावटी राजनीति नहीं, बल्कि ज़मीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव लाना है। यह निर्णय उसी ईमानदार और जनहितकारी सोच का परिणाम है।
अंत में उन्होंने कहा कि यह फैसला आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि पंजाब सरकार अपनी पहचान, गरिमा और विरासत के साथ कोई समझौता नहीं करेगी। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और पूरी कैबिनेट बधाई की पात्र है, जिन्होंने पंजाब को सम्मान, अनुशासन और प्रगतिशील सोच के साथ आगे बढ़ाने का साहसिक निर्णय लिया है।









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