BURNING NEWS✍️RAJESH SHARMA
पंजाब के जालंधर शहर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। पुलिस ने यहां चार साल पहले मृत घोषित किए गए एक युवक को जिंदा पकड़ लिया। आरोपी की पहचान रेलवे कॉलोनी निवासी हिमांशु के रूप में हुई है। वह जेल में वर्ष 2018 में हुए दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा था। पैरोल पर आकर फरार हो गया था। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
जानकारी के अनुसार, हिमांशु को 8 अक्टूबर 2021 को पैरोल पर जेल से रिहा किया गया था। पैरोल अवधि समाप्त होने के बाद उसे वापस जेल लौटना था, लेकिन उसने खुद को मृत दिखाने की साजिश रच डाली। उसने किसी अज्ञात व्यक्ति की मदद से फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार करवाया और उसे जेल प्रशासन में जमा करवा दिया। इसके बाद जेल रिकॉर्ड में हिमांशु को मृत मान लिया गया और उसका नाम बंदी सूची से हटा दिया गया।
नक़ली दस्तावेज बनाकर रह रहा था गैंगरेप का आरोपी
गैंगरेप का आरोपी नक़ली ओर फ़र्ज़ी दस्तावेज़ बनाकर रह रहा था जिसने दस्तावेज़ किससे ओर कैसे बनाएँ ये जाँच चल रही है।
फर्जी दस्तावेजों के सहारे हिमांशु ने नई पहचान अपनाई और अपनी बुआ के पास सूरानस्सी इलाके में रहने लगा। उसने अपनी शक्ल-सूरत बदलने के लिए दाढ़ी बढ़ा ली और रहन-सहन पूरी तरह बदल लिया। आसपास के लोग उसे एक नए नाम से जानते थे और किसी को भी उसके असली अतीत का अंदाजा नहीं था।
हाल ही में पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि जिस व्यक्ति को रिकॉर्ड में मृत बताया गया है, वह जिंदा है और नए नाम से रह रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और दस्तावेजों की पड़ताल में यह खुलासा हुआ कि हिमांशु की मौत केवल कागजों पर दर्ज थी।”









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